शहीद के शव के सामने नहीं हंस रहें हैं योगी आदित्यनाथ,पुराना वीडियो वायरल

पुलवामा के शहीद की नहीं नारायण दत्त तिवारी की श्रद्धाजंलि के समय का है योगी आदित्यनाथ का ये वीडियो

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योगी का पुराना वीडियो वायरल

यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का एक वीडियो वायरल सोशल मीडिया पर वायरल है। इस वीडियो में योगी, लालजी टंडन और बीजेपी के कुछ नेता हंसते हुए दिखाई देते हैं। औऱ पास में तिरंगे में लिपटा शव रखा है। वीडियो के साथ ही एक संदेश भी लिखा है।


तिरंगे में लिपटे शहीद के शव को श्रद्धांजलि देते ढोंगी राष्ट्रभक्त

ये वीडियो आप नीचे देख सकते हैं। Rahul for pm नाम के फेस बुक पेज ने इसे शेयर किया है। जिसे 6 हज़ार से ज्यादा लोग अब तक देख चुके हैं।

तिरंगे मे लिपटे शहीद जवान को श्रद्धांजलि देते ढोंगी राष्ट्र भक्त 😰

Posted by Rahul Gandhi For PM on Wednesday, February 20, 2019

कई फेस बुक पेजों और यूजर्स ने इस वीडियो शेयर किया है।


वीडियो की जांच

वीडियो के स्क्रीन शॉट को लेकर हमने इसकी सच्चाई जानने के लिए गूगल मे सर्च किया तो कई परिणाम आए। इसके अलावा yogi Adityanath laughs at funeral की- वर्ड से भी इसको सर्च किया गया। वीडियो में कोई छेड़छाड़ नहीं की गई है। ये बात साबित हुई invid tool में वीडियो को सर्च करने से। इस टूल के जरिए वीडियो के हर फ्रेम का विश्लेषण किया जा सकता है। औऱ इमेज सर्च के परिणाम में कई वीडियो भी आए जो बिल्कुल एक जैसे हैं । कई न्यूज़ चैनलों और अखबारों ने उस समय इस वीडियो पर रिपोर्ट प्रकाशित की थी।

एबीपी का ये वीडियो आप यहां http://यहां/ देख सकते हैं।


सच्चाई क्या है

दरअसल ये वीडियो 21 अक्टूबर 2018 का है। योगी आदित्यनाथ ,बिहार के गवर्नर लाल जी टंडन सहित कई नेता पूर्व मुख्यमंत्री नारायण दत्त तिवारी को श्रद्धांजलि देने यहां पहुंचे थे।तिरंगे में लिपटे नारायण दत्त तिवारी का शव इन सभी के सामने था। इन नेताओं की हंसती हुई तस्वीर पर मेनस्ट्रीम मीडिया ने भी रिपोर्ट प्रकाशित की थी। लेकिन शहीद के संदर्भ में वायरल ये वीडियो गलत है। कई यूज़र्स ने भी इस वीडियो पर सवाल उठाएं हैं।

निष्कर्ष

दावा- योगी आदित्यनाथ शहीद के शव के सामने हंस रहे हैं

किसका दावा– सोशल मीडिया

सच्चाई– शहीद के शव के सामने नहीं हंस रहे हैं योगी आदित्यनाथ। पुराना वीडियो है। पूर्व मुख्यमंत्री नारायण दत्त तिवारी के शव के सामने की घटना है जिसे पुलवामा के शहीद से जोड़ा गया है।

2 COMMENTS

  1. Fake news should be condemned as they are poisonous for our society and culture. Efforts to extract the truth from fake news will be in the interest of our country.
    All the best, team indiaCheck!

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