पुलवामा अटैक को लेकर प्रियंका गांधी की छवि खराब करने की कोशिश,कल अधूरे वीडियो के ज़रिए बताया गया कि प्रियंका हंस रहीं थी,तो आज उनके मुस्कराने की तस्वीर को घटना से जोड़ा

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लखनऊ में गुरुवार को प्रियंका गांधी पुलवामा में शहीद जवानों को श्रद्दांजलि देते हुए

नीचे दिए गए 10 सेकंड के वीडियो को स्लो मोशन में कर के ये दिखाने की कोशिश की जा रही है कि प्रियंका गांधी हंस रहीं है। साथ में एक संदेश जिसका हिंदी अनुवाद है


प्रियंका गांधी हंस रहीं थी। ऐसे गिद्ध

11 सेकंड का काटछांट कर बनाया गया वीडियो

ये ट्वीट अंकुर सिंह नामके एक सोशल मीडिया यूज़र ने पोस्ट किया। जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी फॉलो करते हैं। दरअसल प्रियंका गांधी की एक प्रेस कांफ्रंस पहले से तय थी लेकिन पुलवामा आतंकवादी घटना के बाद उन्होने इस स्थगित करने की घोषणा की। उन्होने इस घटना की निंदा की और कहा कि इस दुखद घड़ी में मुझे नहीं लगता कि राजनीति कि बात करनी चाहिए। और इसके बाद शहीद हुए सुरक्षा कर्मियों की आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखा। कांग्रेस महासचिव ज्योतिरादित्य सिंधिया औऱ यूपी कांग्रेस अध्यक्ष राजबब्ऱ  भी इस मौके पर मौज़ूद थे। नीचे पूरा वीडियो है जिसे आप देख सकते हैं।

(पूरा वीडियो)लखनऊ में गुरुवार को प्रियंका गांधी पुलवामा की घटना पर दुख प्रकट करते हुए

न्यूज़ एजेंसी एएनआई ने भी इस बात की पुष्टि की है।

न्यूज़ एजेंसी ani का ट्वीट

इस पूरे वीडियो में से काटकर एक हिस्सा निकाला गया जिसे . कहकर प्रचारित किया जा रहा है कि पुलवामा के बारे में बात करते हुए प्रियंका हंस रहीं थी। हमारी जांच में ये झूठ है औऱ छवि खराब करने की साज़िश है।

अंकुर सिंह नामके इस यूज़र की ये गतिविधि जारी है। उसने अभी तक अपनी पोस्ट हटाई नहीं है। इसके अलावा उसने प्रियंका गांधी की एक और तस्वीर आज इसी संदर्भ में पोस्ट की है। इस तस्वीर में वो कह रहा है प्रियंका गांधी मुस्कुरा भी रहीं हैं।

 

ये एक सहज तस्वीर है। इसे पुलवामा की घटना से जोड़ना सिर्फ विरोधी विचारधारा के खिलाफ झूठ फैलाना है। हमारे निष्कर्ष में प्रियंका के खिलाफ दुष्प्रचार की ये साज़िश है। किसी भी बड़ी घटना में प्रियंका गांधी के नाम को गलत संदर्भ में जोड़ने की लगातार कोशिश हो रही है। पुलवामा की घटना के दौरान कई बड़े नेताओं ने अपने पहले से तय कार्यक्रमों को नहीं स्थगित किया। कईयों को तो रंगारंग कार्यक्रम में भी हिस्सा लेते देखा गया। इनमें बीजेपी के नेता भी शामिल थे। लेकिन इसका मतलब ये नहीं कि वो इस घटना पर खुशी जता दे रहे थे। या उन्हे देश से लगाव नहीं है
जबकि प्रियंका गांधी के खिलाफ अपने कार्यक्रम स्थगित करने के बावज़ूद एक झूठे नरैटिव के ज़रिए उनकी छवि को खराब करने की कोशिश की जा रही है। हर देशवासी इस घटना से दुखी है। ऐसे में इस तरह के लोग ज़्यादा खतरनाक हैं जो विचारधारा के आधार पर एक दूसरे के खिलाफ घ्रणा फैलाने की कोशिश करते हैं। ऐसे लोगों से सावधान रहिेए।

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