शेयर चैट बन रहा है नफरत,झूठ फैलाने वालों का नया प्लेटफॉर्म,कश्मीरी छात्रों पर भड़काऊ पोस्ट

पुलवामा को लेकर अफवाह फैलाने वालों का नया ठिकाना

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पुलवामा के बाद शेयर चैट पर अफवाहों की भरमार

फेस बुक औऱ ट्विटर के बाद अब दूसरे सोशल नेटवर्क नफरत औऱ झूठी खबरों को फैलाने के नए अड्डे बनते जा रहे हैं। इसमें ‘शेयर चैट’ पर ऐसे लोग ज़्यादा एक्टिव हो रहे हैं। इसकी वजह है बाकी सोशल नेटवर्कस का फेक न्यूज़ के खिलाफ शुरू किया गया अभियान।पुलवामा में आतंकवादी घटना के बाद ‘शेयर चैट’ पर इस तरह की अफवाहे फैलाने काम काफी तेज हो गया है। नीचे एक तस्वीर है देहरादून के बारे में । इसमें वहां रह रहे कश्मीरी छात्रों के खिलाफ संदेश है। लिखा है कि देहरादून में मकान मालिक किराए पर रह रहे कश्मीरी छात्रों को घऱ से निकाल रहे हैं। ये राष्ट्रहित में है।

देहरादून में हालांकि कुछ कश्मीरी छात्रों के साथ शुक्रवार को हिन्दू संगठनों द्धारा मारपीट की खबरें आई थी।http://इंडियन एक्सप्रेस अखबार के मुताबिक शनिवार को कश्मीरी छात्रों ने एक भीड़ इकट्ठा होने के बाद किराए पर रह रहे और हॉस्टल में रह रहे छात्रों ने डर की वजह से खुद को कमरे के भीतर बंद कर लिया था। इनमें छात्राएं भी शामिल थीं।https://indianexpress.com/article/india/mob-outside-kashmiri-students-in-dehradun-lock-themselves-in-5587626/

लेकिन पुलिस का कहना है कि हिंसा की ऐसी कोई वारदात नहीं हुई। पुलिस ने अफवाह फैलाने वालों को भी कड़ी चेतावनी दी है। राज्य के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने भी कहा कि किसी को कानून हाथ में नहीं लेने दिया जाएगा।  

हमारी जांच में इस तस्वीर में लिखा संदेश नफरत फैलाने वाला है।

इसी तरह कुछ औऱ अफवाहें शेयर चैट पर फैल रहीं हैं। नीचे एक तस्वीर है जिसके संदेश को कई बार फैक्ट चेकर्स  झूठा करार दे चुके हैं। लेकिन अब वो शेयर चैट पर दिखाई दे रही है।

हमारी जांच में पता चला कि फोटो में दिख रहा आतंकवादी लश्कर का सदस्य है। इसका नाम अब्दुल कय्यूम है औऱ इसे बीएसएफ ने जम्मू कश्मीर के अखनूर से सीमा पार करते हुए पकड़ा था। सुरक्षा बलों से पूछताछ में इसने बताया था कि वो लश्कर के लिए फंड एकत्रित करता है। बीजेपी या आऱएसएस के इस आतंकवादी को पैसा देने का दावा झूठा है । कभी इस तस्वीर के हवाले से कांग्रेस पर भी यही आरोप लगाया जाता है। ये भी झूठ है।

इसी तरह कुछ औऱ तस्वीरे औऱ संदेश हमें मिले हैं जो झूठे हैं।

एक में अमिताभ बच्चन के हवाले से मुसलमानों को निशाना बनाया जा रहा है तो दूसरे में कांग्रेस के बारे में इज़रायल की खुफिया एजेंसी मोसाद के हवाले से अफवाह फैलाई जा रही है ।

ये सारी तस्वीरे शेयर चैट की आज के ट्रेंडिग सेक्शन की हैं। इस तरह के और भी संदेश यहां तेजी से पोस्ट हो रहे हैं।

शेयर चैट सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के पास करीब 5 करोड़ यूजर्स हैं। खास बात ये है कि ये भारत की 14 क्षेत्रीय भाषाओं में उपलब्ध है। करीब 1 करोड़ यूजर्स दो या तीन टियर शहरों से हैं। ये एक ओपन ब्रॉडकास्टिंग प्लेटफार्म औऱ सोशल नेटवर्क है। औऱ कोई भी किसी से भी बात कर सकता है भले ही वो उसे जानता हो या नहीं। अगर ये कहें कि ये ट्विटर का क्षेत्रीय संस्कऱण हैं तो गलत नहीं होगा।

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