अयोध्या में राम मंदिर को लेकर फर्ज़ी खबरों का बाज़ार गर्म

0
94
प्रतिनिधि फोटो – राम मंदिर के निर्माण के लिए लाए गए पत्थर

राम मंदिर को लेकर सोशल मीडिया पर अफवाहों का दौर तेज़ हो गया है। लोगों को संदेश दिया जा रहा है कि राम मंदिर का निर्माण शुरू हो गया है। इस तरह की पोस्ट फेस बुक पर केंद्र सरकार की तरफ से सुप्रीम कोर्ट में हाल ही में एक याचिका डालने के बाद शुरू हुआ। ।

फेक न्यूज़ फैलाने के लिए कुख्यात वेबसाइट दैनिक भारत ने अपनी वेबसाइट और फेसबुक पेज पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर के साथ एक खबर पोस्ट की । तस्वीर के ऊपर लिखा है
”बहुत बड़ी खबर-राम मंदिर का निर्माण शुरू, मोदी सरकार ने शुरू की कार्यवाही सरकार ने इस्तेमाल किया अपना संवैधानिक अधिकार”
फोटो के नीचे लिखा है
”खत्म हुआ इंतज़ार, मोदी सरकार ने राम मंदिर के निर्माण का काम किया शुरू।”


ये पोस्ट पूरी तरह से झूठी, लोगों की भावना से खेलने वाली और सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने वाली है। इसे अभी तक 1000 बार से भी ज़्यादा शेयर किया जा चुका है।

इसके अलावा instant fb news ने अपनी वेब साइट पर लोगों को गलत संदेश देखर गुमराह करने वाला एक लेख लिखा है जिसे  फेस बुक पेज पर शेयर किया गया है। इस लेख की हेडलाइन में कहा गया है

सुप्रीम कोर्ट की मक्कारी देखकर गुस्से में आए पीएम मोदी ने लिया बड़ा फैसला , दिखाई 56 इंच की ताकत

हालांकि अंदर इस बात का भी उल्लेख है कि केंद्र ने एक याचिका कोर्ट में दाखिल की है जिसमें गैरविवादित ज़मीन लौटाने की मांग की गई है। लेकिन लिखा इस तरह गया है कि जैसे मंदिर निर्माण सरकार ने शुरू कर दिया है।

दरअसल मंगलवार को केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका डालकर मांग की है कि अयोध्या में विवादित ज़मीन को छोड़कर बाकी ज़मीन वापस लौटा दी जाए। ये ज़मीन 67 एकड़ की है। सरकार का मकसद है कि गैरविवादित ज़मीन पर फिलहाल मंदिर निर्माण का काम शुरू हो जाए। इस संबंध में अभी सुनवाई शुरू होना है। और सुप्रीम कोर्ट को तय करना है कि ज़मीन दी जाएगी कि नहीं। हमारे निष्कर्ष में ये खबर पूरी तरह से फर्ज़ी, अफवाह फैलाकर लोगों को गुमराह करने वाली साबित हुई है। आपसे गुज़ारिश है कि बिना तथ्यों की जांच किए सोशल मीडिया और व्हाट्स एप पर आने वाली खबरों को आगे ना बढ़ाएं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here