कोरोना संकट के बीच योगी का शाहरुख के खिलाफ 4.5 साल पुराना बयान वायरल -FACT CHECK

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जो आप अपनी आंखों से देखते हैं, कानों से सुनते हैं वो भी सच हो ये ज़रूरी नहीं. खासकर सोशल मीडिया पर अगर आप देख, सुन और पढ़ रहे हैं तो इसकी संभावना ज्यादा है. पिछले कई दिनों से फिल्म स्टार शाहरुख खान के बारे में यूपी के मुख्यमत्री योगी आदित्यनाथ के पुराना बयान का वीडियो वायरल है. वीडियो में योगी कहते हैं. ”अगर बहुसंख्यक समाज शाहरुख खान की फिल्मों को बहिष्कार कर देगा तो वो आम मुसलमान की तरह सड़क पर घूमेंगे.” आगे वो शाहरुख को पाकिस्तान जाने की सलाह भी देते हैं और उनकी भाषा की तुलना मुंबई आतंकी हमले के मास्टरमाइंड हाफिज सईद से करते हैं.

ट्विटर पर पायल रोहतगी ने भी इसे पोस्ट करके लिखा ”योगी जी क्यों नाराज हैं.. क्या कह दिया शाहरुख ने”

इसी तरह फेस बुक पर भी ये वायरल है. एक पोस्ट पर तो 43 हजार लोगों ने इसे शेयर किया है.

योगी जी का शाहरुख खान को अल्टीमेटम ।

Geplaatst door इन्द्रजीत अराप op Dinsdag 31 maart 2020

गौरतलब हैं कि हाल ही में दिल्ली के निजामुद्दीन में तबलीगी जमात के लोगों में कोरोना के संक्रमण के बाद इस वीडियो को सोशलमीडिया पर शेयर किया जा रहा है. जमात के लोगों पर आरोप है कि वो लॉकडाउन के बाद भी बड़ी संख्या में एकत्रित हुए थे जिसकी वजह से देश भर में कोरोना के मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है. इस घटना के बाद से सोशल मीडिया में हिन्दू- मुसलमान को लेकर जंग छिड़ी हुई है.  कुछ पोस्ट मे शाहरुख पर पाकिस्तान को सपोर्ट करने और डोनेशन देने का भी आरोप लगाया गया है.

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फैक्ट चेक

सिंपल गूगल सर्च में ‘yogi slams shahrukh khan’ की-वर्ड का इस्तेमाल किया तो काफी परिणाम सामने आए. साल 2015 में नवंबर के महीने में योगी आदित्यनाथ ने ये बयान दिया था . उस समय वो सांसद थे. मेनस्ट्रीम मीडिया में उनके इस बयान को प्रमुखता से दिखाया गया था. ये रिपोर्ट आप यहां और यहां देख सकते हैं.

देश के सभी टीवी चैनलों ने योगी के इस बयान को दिखाया था और आलोचना भी की थी

दरअसल योगी ने ये बयान उस समय सहिष्णुता के मुद्दे पर चल रही बहस पर शाहरुख के बयान के बाद दिया था. देश के बहुत सारे बुद्धजीवियों, लेखतों ने तब एमएम कलबुर्गी, गोविंद पंसारे की हत्या और मॉब लिंचिंग की घटनाओं के विरोध में सरकार को अपने अवॉर्ड लौटाने की घोषणा की थी. शाहरुख ने तब अवॉर्ड वापस करने का समर्थन करते हुए कहा था ”देश में असहिष्णुता बढ़ रही है. जो लोग इसके विरोध में अवार्ड वापस कर रहे हैं वो उनका सम्मान करते हैं. धार्मिक असहनशीलता और धर्मनिरपेक्ष न होना इस देश में एक देशभक्त के लिए सबसे बुरा अपराध है.” शाहरुख ने ये बात इंडिया टुडे के एक कार्यक्रम में कही थी.

हाल ही में शाहरुख खान ने कोरोना से निपटने के लिए पीएम केयर्स फंड, महाराष्ट्रा चीप मिनिस्टर रिलीफ फंड में मदद करने का एलान किया. न्होने महारा,ट्र और बंगाल सरकार को 50000 पीपीई यानि मेडिकल स्टाफ को सुरक्षा के लिए दी जाने वाली किया डोनेट करने का बी एलान किया

शाहरुख खान पर पाकिस्तान को 45 करोड़ रुपये डोनेशन देने का आरोप भी गलत है. उनके खिलाफ ये अफवाह पहले भी फैलाई जाती रही है.

निष्कर्ष

शाहरुख को पाकिस्तान जाने और उनकी तुलना हाफिज सईद से करने का योगी का बयान साल 2015 में नवंबर के महीने का है. कोरोना के संकट के बीच सोशल मीडिया पर इस वीडियो को वायरल करने का मकसद देश में हिन्दु-मुसलमानों के बीच नफरत का माहोल पैदा करना है.