क्या कृत्रिम अंगुलियों से लोकसभा चुनाव में है फर्ज़ी वोटिंग की तैयारी?

जापान से कनेक्शन है इन अंगुलियों का

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कृत्रिम अंगलियों का फैक्ट चेक

लोकसभा चुनाव अपने चरम पर है। गाली गलौज से लेकर झूठी खबरों से का भी बोलबाला अपने पीक पर है। ऐसे में सोशल मीडिया पर कुछ अंगुलियां वायरल हो रही हैं। जी हां, ये कृत्रिम अंगुलियां हैं। इनके बारे में कहा जा रहा है कि इनका इस्तेमाल फर्ज़ी मतदान करने के लिए किया जाएगा। नीचे कुछ तस्वीरें हैं इन कृत्रिम अंगुलियों की।

कृत्रिम अंगुलियों की वायरल तस्वीरें जिनसे  चुनाव में फर्ज़ी मतदान की आशंका जताई जा रही है

इसी तरह कुछ फेसबुक यूजर्स ने भी इसे शेयर किया है।

Fake fingers made for voting be ware

Geplaatst door Somu Anjana op Maandag 8 april 2019

कुछ लोगों ने तो पोलिंग एजेंट को भी इस बारे में आगाह किया है।

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कृत्रिम अंगुलियों की पड़ताल

इन अगुलियों को देखकर हम भी चौंक गए। हमने इन तस्वीरों का रिवर्स इमेज सर्च किया तो कई लेख इनके बारे में मिले।

कृत्रिम अंगुलियों के बारे में गूगल रिवर्स इमेज सर्च का स्क्रीन शॉट

 गार्डियन अखबार का एक लेख हमें मिला। जिसमें उस महिला के बारे में बताया गया था जिसने इन कृत्रिम अंगुलियों का अविष्कार किया था। दरअसल ये कृत्रिम अंगुलियां जापान के उन गैंगस्टर के लिए बनाई गई थी जिन्होने प्रायश्चित करने के लिए अपनी अंगुलियां काट ली थी। ये गैंगस्टर yakuza नाम के माफिया संगठन के सदस्य थे। ये लेख दो साल पहले का है।

इससे पहले 2014 में Deceptology  नाम की एक वेबसाइट में भी इसके बारे में जानकारी दी गई है। औऱ ABC न्यूज़ ने भी रिपोर्ट किया था।

Deceptology नामक की वेबसाइट में कृत्रिम अंगुलियों के बारे में छपे लेख का स्क्रीन शॉट

इसके अलावा हमें पूर्व चुनाव आयुक्त एसवाई कुरैशी का एक ट्वीट मिला जिसमें उन्होने इसका ज़िक्र किया है। ये ट्वीट 2 साल पुराना है। इस ट्वीट में वो कहते हैं कि किसी ने ये तस्वीर उन्हे भेजी है।

साल 2017 में भी कृत्रिम अंगुलियां वायरल हो चुकी हैं। उस समय भी यही कहा गया था कि इनका इस्तेमाल फर्ज़ी मतदान के लिए किया जा रहा है। बीबीसी समेत कई संगठनों ने इसका फैक्ट चेक करके इसे फेक न्यूज़ करार दिया था।

निष्कर्ष

दावा-कृत्रिम अंगुलियों के ज़रिए लोकसभा चुनाव में फर्ज़ी मतदान

दावा करने वाले- सोशल मीडिया यूज़र

सच- ये दावा ग़लत है

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