बालकोट में 200 आतंकियों के मारे जाने के गिलगित एक्टिविस्ट के दावे का सच

गिलगित एक्ट्विस्ट के बालकोट में मारे जाने के दावे का फैक्ट चेक

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गुमराह करने वाला है गिलकित एक्टिविस्ट का दावा

बालकोट में हुई एयर स्ट्राइक को लेकर बुधवार को एक वीडियो जबरदस्त वायरल हुआ। इस वीडियो को अमेरिका में रह रहे गिलगित एक्टिविस्ट सेंगे हसनैन सेरिंग ने ट्विटर पर शेयर किया। साथ में वीडियो के हवाले से कहा ”पाकिस्तान के एक सेना अधिकारी ने स्वीकार किया है कि बालकोट में 200 आतंकवादी मारे गए हैं। आतंकवादियों को मुजाहिद बताया जाता है। क्योंकि
दुश्मनों के साथ जंग में जो शहीद होते हैं उन पर अल्लाह की मेहरबानी होती है ।हम उनके परिवारों की देखभाल की शपथ लेते हैं ”

इस वीडियो के बाद मेन स्ट्रीम मीडिया ने गिलगित एक्टिविस्ट के हवाले से कहा कि बालकोट में एयर स्ट्राइक के दौरान 200 आतंकवादी मारे गए। एनआई न्यूज़ एजेंसी ने इस ए्टिविस्ट से बातचीत के आधार पर कहा कि पाक आर्मी ने मारे गए आतंकवादियों के शवों को बालकोट से ख़ैबर पख्तूनवा शिफ्ट कर दिया है। हालांकि सभी ने ये ज़रूर कहा कि वो इस वीडियो को वेरिफाई नहीं करते हैं। इंडिया टुडे ने एएनआई के वाले से ये रिपोर्ट लिखी।

अख़बार, न्यूज़ चैनलों की रिपोर्ट
अखबार, टीवी चैनलों की हेडलाइन्स के स्क्रीन शॉट


वीडियो के तथ्यों की जांच पड़ताल

हमने जब इस वीडियो के बारे में पड़ताल शुरू की तो हमें ऐसा ही वीडियो अलग अलग तारीखों में कई जगह मिला। एक वीडियो defence 360 नामके यूज़र ने 12 मार्च को यूट्यूब पर पोस्ट किया। और साथ में कैप्शन लिखा जिसका हिंदी में अनुवाद है  ”पाकिस्तानी आर्मी के अधिकारी ने गलती से बालकोट में मारे गए आतंकवादियों की संख्या का खुलासा किया”

200 आतंकवादियो के मारे जाने का दावा करता वीडियो

पाकिस्तान के सोशल मीडिया की तरफ से भी ये वीडियो अपलोड किया गया। 8 मार्च को यही वीडियो एक नए कैप्शन के साथ दिखाई देता है। कैपशन का हिंदी अनुवाद है पाकिस्तान आर्मी पर हमें नाज है। ये तीनो वीडियो एक ही हैं सिर्फ कैप्शन अलग-अलग हैं। इसलिए इस वीडियो को हमने video-1 का नाम दिया है।

साकिस्तान सोशल मीडिया के वीडियो का स्क्रीन शॉट


वीडियो में क्या बातचीत हो रही है ?

वीडियों 2 मिनट 20 सेकेंड का है। पाकिस्तान का आर्मी अफसर लोगों से बात करके उनको समझा रहा है तभी एक छोटे बच्चे को गोद में लेकर उसे पुचकारता है। करीब 0:50 सेकेंड पर एक आवाज़ सुनाई देती है जिसमें कहा जा रहा है


”ये रुतबा अल्लाह के कुछ ख़ास बन्दों को नसीब होता है,आपको पता है की कुछ 200 बन्दे ऊपर गए थे? इसके नसीब में लिखा हुआ था शहादत । हमारे नसीब में नहीं लिखा था। हम रोज़ाना चढ़ते है, जाते है, आते है। तो ये अल्लाह के ख़ास बन्दे, जिसपे करम होता है, जिसपे उनकी ख़ास नज़र-ओ-करम होती है, उसको ये नसीब ….”

लेकिन ये बात पाकिस्तान का आर्मी आफसर नहीं कह रहा बल्कि पीछे से डाली गई आवाज़ है। ये बात आप उसके लिप मूवमेंट को देखकर समझ सकते हैं। ये वाक्य अचानक खत्म होता है औऱ फिर वहां हो रही आपस की बातचीत सुनाई देने लगती है। जिसमें आर्मी आफिसर कहता हैपरेशान नहीं होना हम सब तुम्हारे साथ हैं….”

गिलगित एक्टिविस्ट का दावा और वीडियो में अंतर

गिलगिट एक्टिविस्ट ने वीडियो के हवाले से दावा किया था कि पाकिस्तान का आर्मी अफसर ये मान रहा है कि बालकोट में भारतीय एयर स्ट्राइक के दौरान 200 से ज्यादा आतंकवादी मारे गए। जबकि वीडियो में कहा गया कि ”200 बंदे ऊपर गए थे”, इसके नसीब में लिखा था शहादत , हमारे नसीब में नहीं था, हम रोज़ चढ़ते हैं आते जाते हैं…….” इससे ज़ाहिर होता है कि यहां ऊपर जाने का मतलब पहाडों से है। औऱ किसी एक के मरने की बात की जा रही है।

यहां ये भी ध्यान देने वाली बात है कि अभी तक मिले तीनों वीडियो में सबसे पुराना 8 मार्च का है जो पाकिस्तान सोशल मीडिया की तरफ से अपलोड किया गया है। औऱ इसमें जो कैप्शन है उसे पढ़कर लगता है कि ये किसी पाकिस्तानी सैनिक के मारे जाने की घटना है।

हम अपनी जांच को और आगे बढ़ाते हैं। हमें यूट्यूब पर एक औऱ वीडियो मिलता है। ये वीडियो पहले के वीडियो से अलग है लेकिन उसका ही एक हिस्सा लगता है। इसे 3 मार्च को पाकिस्तान की तरफ से यूट्यूब पर अपलोड किया गया है। औऱ कैपशन में लिखा है डिप्टी कमांडेंट कर्नल हमीम शिनहोरा दारा बेला चवन शहीद एहसानउल्लाह के घर आते हैं। इस वीडियो को हमने नाम दिया है video-2, नीचे वीडियो का स्क्रीन शॉट है।

इस वीडियो को आप यहां देख सकते हैं। दोनों वीडियो में आप देखेंगे कि पाक आर्मी अफसर एक व्यक्ति को ढाढस बंधा रहा है ।ये video-1 औऱ video-2 दोनों में है। लेकिन फ्रेम अलग अलग है। ये इस बात का प्रमाण हो सकता है कि दोनो वीडियो एक ही मौके के हैं।

वीडियो -1 औऱ वीडियो-2 के फ्रेम अलग-अलग हैं लेकिन आर्मी अफसर के साथ व्यक्ति एक ही है। चेहरे के भाव से वो काफी दुखी है। और सिर पर जो टोपी है वो एक ही है।

इसी सिलसिले में हमने पाकिस्तान के कुछ फेसबुक पेज तलाशे। pak military memes नामका एक फेसबुक पेज हमें मिला जिसने 3 मार्च को कुछ तस्वीरे पोस्ट की। जिनसे बहुत सारी चीजें साफ हो जाती हैं। इसमे दोनो वीडियों में जो फुटेज है उनकी कुछ स्टिल इमेजस इस पोस्ट में दिखाई देती हैं। जिसका स्क्रीन शॉट नीचे है।

ऑरिजनल पोस्ट को आप यहां देख सकते हैं। तस्वीरों औऱ दोनों वीडियो को देखने से कई चीजें साफ हो जाती है। video-1और video-2 एक ही समय औऱ एक ही मौके का है,ये बात फेसबुक पेज पर पोस्ट की गई तस्वीरें औऱ पुख्ता कर देती हैं।


तस्वीरों और वीडियो फ्रेम की तुलना

इसमें गोद में बच्चे के साथ आर्मी अफसर की तस्वीर पहले वाले वीडियो में भी है औऱ फेसबुक पर पोस्ट की गई तस्वीरों में भी है। दोनों का फ्रेम एक है। तस्वीर में जो लोग हैं उनके चेहरे के भाव एक हैं। इसी तरह एक और तुलना नीचे की तस्वीरों में है

इस व्यक्ति को गले लगाकर ढाढस बंधाने की तस्वीर video-2 औऱ फेसबुक पोस्ट की तस्वीरों में है। दोनों के फ्रेम और चेहरे के भावों में समानता है।

इसी तरह फेसबुक पोस्ट की बाकी दोनों तस्वीरें video-2 के फ्रेमस में नज़र आती हैं।

पूरा वीडियो एक साथ

हमें फेसबुक पेज पर एक औऱ वीडियो मिला जिसे पाकिस्तान के सोशल मीडिया ने फेसबुक पर इसे 1 मार्च को पोस्ट किया । इस वीडियो में एक व्यक्ति की मौत की अंतेयेष्टि के कार्यक्रम के विजुअल्स भी हैं। औऱ वो पाकिस्तानी आर्मी का अफसर सहित वो लोग भी है जो बाकी वीडियो में दिखाई देते हैं। इस वीडियो का स्क्रीन शॉट नीचे आप देख सकते हैं।

हमने अपनी जांच में कहा है कि ऐसा लगता है कि किसी पाकिस्तानी सैनिक की अंतेयेष्टि की घटना की ये तस्वीरे और वीडियो हो सकते हैं।

वीडियो में पाकिस्तान आर्मी के जवान म्रतक को श्रद्धांजलि देते हुए दिखाई देते हैं। जिस माला को वे शव पर अर्पित कर रहे हैं उस पर GOC 21 ARTY DIV लिखा है। जिसे इस बात का प्रमाण माना जा सकता है कि म्रतक पाकिस्तान आर्मी का जवान है। इस पूरे वीडियो को आप यहां देख सकते हैं।

निष्कर्ष

  • गिलगित एक्टिविस्ट द्धारा पोस्ट किए गए वीडियो की बातचीत सुनने से 200 आतंकवादियों के मारे जाने का दावा सही नहीं लगता।
  • अलग-अलग वीडियो के विश्लेषण में जो तथ्य मिलते हैं उनसे इस बात की पुष्टि होती हैकि मारा गया व्यक्ति पाकिस्तानी सेना का जवान है। लेकिन ये पता करना हमारे लिए संभव नहीं है कि किस जगह इस जवान की मौत हुई और क्या वजह थी।
  • वीडियो में सिर्फ एक शव दिखाई देता है इसलिए भी दावे पर सवाल उठते हैं।
  • ये घटना 27 फरवरी से लेकर 1 मार्च के बीच की हो सकती है।

दावा- पाकिस्तानी आर्मी अफसर ने स्वीकार किया कि बालकोट में भारतीय एयरस्ट्राइक में 200 आतंकवादी मारे गए

दावा करने वाले- अमेरिका में रह रहे गिलगित एक्टिविस्ट सेंगे हसनैन सेरिंग

सच- दावा गुमराह करने वाला है।

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